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5 से 6 महीने के बच्‍चे के लिए आहार

अरे..अरे.. ये क्‍या कर रही है,6 महीने के बच्‍चे को चावल दे रही है। क्‍या आपको नहीं मालूम कि बच्‍चे को दिया जाने वाला पहला आहार बहुत पौष्टिक और स्‍वस्‍थ गुणों से भरपूर होना चाहिए, जैसे- केला, शकरकंद आदि। इस तरह के आहार बच्‍चे के लिए बहुत सही रहते हैं। इनमें विटामिन और मिनरल भरपूर मात्रा में होते हैं जिससे उनके शरीर में ऊर्जा आती है और उनका विकास सही तरीके से होता है। अगर आपका बच्‍चा स्‍तनपान करता है फिर भी उसे सॉलिड फूड देना 6 महीने के बाद से शुरू कर देना चाहिए, इससे बच्‍चे की फूडिंग हैबिट बनती है और उसकी बॉडी सही तरीके से ग्रोथ करती है। बच्‍चे को एक साल होने तक स्‍तनपान करवाएं। इसके बाद धीरे-धीरे उसकी इस आदत को छुडवा दें। आइए जानते हैं बच्‍चे को दिए जाने वाले कुछ स्‍पेशल फूड:

नाशपाती बेबी फूड रेसिपी: नाशपाती में विटामिन ए और सी के अलावा मैग्‍नीशियम और कैल्शियम भी होता है। इसलिए इसे बच्‍चे को दें। इसके छोटे-छोटे महीन पीस काट लें और हल्‍का सा उबाल लें। बाद में इसे पीसकर बच्‍चे को चम्‍मच से खिलाएं। शकरकंद रेसिपी: शकरकंद में विटामिन ए, सी और फोलेट होता है। साथ ही साथ इसमें कैल्शियम, मैग्‍नीशियम और पौटेशियम भी होता है। शकरकंद को काटकर उबाले या उसे साबूत भून लें। इसके बाद अच्‍छे से मसलकर पेस्‍ट बना दें और बच्‍चे को खिलाएं। एवाकाडो: यह बच्‍चे के लिए सबसे अच्‍छा हेल्‍दी फूड होता है। इसमें फैटी एसिड और अन्‍य महत्‍वपूर्ण खनिज लवण बहुतायत में होते है। यह पचने में भी आसान होता है। एवाकाडो रेसिपी: एक एवोकाडो को छीले और इसका गूदा निकाल लें। इसे एक चम्‍मच से फेंट लें और पकाने की जरूरत नहीं है। बाद में इसे ब्रेस्‍टमिल्‍क में या साधारण मिल्‍क में मिलाकर बच्‍चे को खिलाएं। एवाकाडो में विटामिन और मिनरल: इसमें विटामिन ए, सी, फोलेट, पौटेशियम और आयन व कैल्शियम होता है। केला: केला, पचाने में आसान होता है। यह बच्‍चे के लिए बेस्‍ट फूड होता है। बच्‍चे के लिए केला रेसिपी: एक केला लें, उसे छीलकर फेंट लें और दूध में मिलाकर बच्‍चे को दें। केले को और सॉफ्ट बनाने के लिए 25 सेकेंड के लिए माईक्रोवेब में डाल दें। केले में विटामिन और मिनरल: केले में पौटेशियम सबसे ज्‍यादा होता है। साथ ही इसमें फॉस्‍फोरस, सेलेनियम और विटामिन ए व सी होता है। ब्राउन राइस: एक चौथाई ब्राउन राइस लें, उसे पीस लें और दूध में मिलाएं। दूध गर्म होना चाहिए। बाद में ठंडा करके बच्‍चे को पिलाएं।
courtesy:-boldsky

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