Blog

विटामिन डी की कमी से क्या होता है

हड्डियां और मांसपेशियां कमजोर होती हैं। शरीर की इम्युनिटी कम होती है, इससे वायरल इंफेक्शन होने के चांस होते हैं। शरीर में हमेशा थकान और दर्द की भी शिकायत रहती है। आंत में सूजन और घाव होने के चांस बढ़ते हैं। कमर और शरीर के निचले हिस्सों में दर्द होना खासकर पिंडलियों में। कुछ मामलों में बालों का झड़ना और पीरियड्स का अनियमित होना देखा गया है। आंत की पाचन क्षमता कमजोर होती है।
विटामिन डी की कमी को ऐसे पूरा करें
नारियल या तिल का तेल शरीर में लगाकर रोजाना 20 मिनट तक धूप में बैठें। तेल जब शरीर के अंदर जाता है तो उसका कोलेस्ट्राल विटामिन डी में कन्वर्ट होता है। इससे विटामिन डी का स्तर बढ़ता है। विटामिन डी का स्तर बढ़ाने का दूसरा स्रोत डाइट है। शाकाहारी व्यक्ति रोजाना आधा लीटर गाढ़ा वाला दूध लें। दूध पसंद नहीं है तो दही या छाछ भी ले सकते हैं। इसके अलावा हफ्ते में एक बार कम से कम 250 ग्राम पनीर भी खाएं। मांसाहारी खाने वाले व्यक्ति देसी अंडे का सेवन करें। इसके अलावा वे सी-फूड का भी सेवन करें। सी-फूड में सबसे ज्यादा विटामिन डी पाया जाता है।

क्यों जरूरी होता है विटामिन डी
– कैल्शियम को शरीर के अंदर खींचने का काम करता है।
– इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाए रखता है। इससे वायरल इंफेक्शन नहीं होता।
– आंत की लेयर को मजबूत रखता है, ताकि बाहर के कीटाणु अंदर न जा सकें।

टेस्ट कराएं
अगर हड्डियों या मसल्स में दर्द रहता है तो 25-हाइड्रॉक्सी विटामिन डी ब्लड टेस्ट कराएं। इसे विटामिन डी डिफिसिएंशी टेस्ट भी कहते हैं। अगर शरीर में दर्द नहीं है तो भी यह टेस्ट करा सकते हैं। अगर लेवल कम निकलता है तो छह महीने या साल भर बाद दोबारा करा सकते हैं। इसकी बाजार में कीमत करीब 1200 रुपये होगी। सरकारी अस्पताल में थोड़ा सस्ता हो सकता है

कितना विटामिन डी होना चाहिए
किसी भी सेहतमंद शख्स में विटामिन डी का लेवल 50 नैनोग्राम/मिलीग्राम होना चाहिए। हालांकि 20 से 50 नैनोग्राम/मिलीग्राम के बीच नार्मल रेंज है, लेकिन डॉक्टर 50 को ही बेहतर मानते हैं। अगर लेवल 25 से कम है तो डॉक्टर की सलाह लें और विटामिन डी के डोज लें
विटामिन डी अगर बहुत ज्यादा हो तो बहुत खतरनाक हो सकता है। ज्यादा तब माना जाता है, जब शरीर में लेवल 800-900 नैनोग्राम/मिली तक पहुंच जाए। ऐसा होने पर किडनी फंक्शन से लेकर मेटाबॉलिज्म तक पर असर पड़ता है। हालांकि विटामिन डी बहुत ही कम मामलों में इस लेवल तक जा पाता है।
Source:amarujala

Related Posts

You may like these post too

oats-health-benefits

ओट्स नहीं खाते, तो इसके फायदे जानकर कर देंगे खाना शुरू

फिट और स्वस्थ रहने के लिए हेल्दी टिप्स और आहार

Tips for a healthy mouth

4 health tips that students absolutely need during exam season

Leave a Reply

it's easy to post a comment